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हयूमन ट्रैफिकिंग के चंगुल में युवा पीढ़ी

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नवी मुंबई। पुलिस की लापरवाही और सरकार की उपेक्षा के कारण ह्युमन ट्रैफिकिंग का जाल फैलता ही जा रहा है। इसका शिकार होकर युवा पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो गया है, लेकिन सरकार इसे रोकने को लेकर सचेत नहीं है। बांग्लादेश की रहने वाली एक 22 वर्षीय युवती को मुंबई के कमाठीपुरा में बेचे जाने और उसके बचाने वाले युवक से की दलालों द्वारा की गई मारपीट के बावजूद पुलिस की लापरवाही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जिस्म के सौदागरों का जाल भारत के अलावा बांग्लादेश, नेपाल तक फैल गया है।

पुलिस की नाक के नीचे भाग गए दलाल

बांग्लादेश की एक 22 वर्षीय युवती को मुंबई के कमाठीपुरा में बेचे जाने के बाद उसे एक युवक समीरन मन्ना ने उसे मुक्त करा लिया। लेकिन इसके बाद उस युवक और युवती को नवी मुंबई के घणसोली में दलालों ने बंधक बनाकर रखा और उससे मारपीट की। बाद में पीड़ित युवती और युवक को स्थानीय लोगों की मदद से बचाया गया, लेकिन पुलिस की हद दर्जे की लापरवाही के कारण लड़कियों को खरीद-फरोख्त करने वाले दलाल वहां से भाग खड़े हुए, लेकिन पुलिस ने कोई मामला दर्ज नही किया।

प्यार से निकली राह

कोलकाता के पश्चिम बंगाल के मैथलीपूर्व जिला में रहने वाला समीरन मन्ना मुंबई के सांताक्रुज में एक होटल में काम करता है। उसकी मुलाकात कमाठीपुरा में पीड़ित लड़की से लगभग आठ महीने पहले मुलाकात हुआ था। तब पहली मुलाकात में ही लड़की ने अपने साथ हुयी पूरी घटना की जानकारी देते हुए वहां से निकालने की विनती की। इसके बाद से समीर और लड़की के बीच प्यार हो गया और समीरन ने उसके साथ शादी करने की इच्छा जताई। इसके कुछ दिन बाद लड़की के साथ मिलकर दलाल से मुलाकात की।

दलाल ने कहा- दो लाख दे और लड़की ले जा

दलाल हंसुर ने उसे बताया कि वह लड़की को खरीदकर लाया है, इसलिए उसे ले जाना है, तो एक लाख रुपए ये दे और लेकर जा। इसके बाद समीरन ने होटल में काम कर धीरे-धीरे पूरा पैसा दे दिया। इसके बाद समीरन ने लड़की को ले जाने की बात कही तब हंसुर ने उसे बोला लेकर जा और घणसोली आकर अपना सामान भी लेकर जा। इसके बाद समीरन और पीड़ित लड़की दोनों 1 फरवरी को घणसोली में हंसुर के घर पर गए। तब हंसुर के साथ उसकी पत्नी कल्पना गाजी और उसकी शाली मीना गाजी घर में मौजूद थे। उन्होंने घर में आने के बाद कहा की लड़की ले जाने से पहले और दो लाख दे, उसके बाद इसे छोड़ेंगे।

दोनों को घर में किया बंद, लोगों ने छुड़ाया

इसके बाद घर में युवक और पीड़ित युवती को दलाल ने बंद कर दिया। उसके बाद जब भागने लगे तब हंसुर, कल्पना और मीना ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और उससे मारपीट की। इसके बाद वे दोनों को घर पर ले आए। उन दोनों से जब मारपीट की जा रही थी, तब लोगों ने उनकी आवाज सुनी और वहां पहुंचे। इसके बाद लोगों ने समीरन और उस लड़की को बाहर निकाला और उन्हें रबाले पुलिस स्टेशन ले गए। वहां ले जाने के बाद इस घटना की जानकारी दी। लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज करने के बदले दलालों को फोन कर पुलिस स्टेशन आने को कहा। इस तरह सभी दलाल पुलिस स्टेशन आने के बदले फरार हो गए।

पुलिस ने दी बांग्लादेश भेजने की धमकी

समीरन और पीड़ित लड़की ने बताया कि जब हम इस घटना के बाद जब लोगों की मदद से पुलिस स्टेशन गए, तो पुलिस ने हमें बताया कि तुम दोनों को साथ रहना है या बांग्लादेश वापस जाना है? यदि शिकायत दर्ज होगी, तो लड़की को वापस बांग्लादेश ले जाकर छोड़ना पड़ेगा। समीरन ने बताया कि हमने पुलिस को बताया है कि यह बहुत बड़े दलाल हैं और लड़कियों की खरीद-फरोख्त करते हंै, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उन लोगों को फोन कर सावधान कर दिया। इसके बाद दोनों वहां से घर बंद कर भाग गए। समीरन ने बताया कि पुलिस ने सिर्फ एनसी लेकर हमें भेज दिया। समीरन ने बताया कि इस एनसी को ही हमें पहले एफआईआर बताया गया, लेकिन बाद में जब मदद करने वाले लोगों से पूछा गया, तब उन्होंने बताया की एनसी है।

प्रेमी जोड़े की मदद करने वाली महिला से पुलिस ने कहा- तुम बीच में मत पड़ो

इस मामले में समीरन और पीड़ित लड़की ( प्रेमी जोड़ा) को दलालों के चंगुल से छुड़ाने वाली महिला विद्या ने बताया कि मैंने समाजसेविका रेखा ताई के मदद से दोनों को बचाया और उसे रबाले पुलिस स्टेशन ले गए। लेकिन वहां जाने पर पुलिस ने दोनों की शिकायत दर्ज कराने की हमें डराने लगे। वहां मौजूद पुलिस वालों ने हमें कहा कि आप इस मामले में मत पड़ो। पुलिस ने कहा, आप महिला हैं और ये लोग आपके साथ कुछ भी कर सकते हैं। विद्या ने बताया कि वे देर रात तक दोनों की मदद के लिए पुलिस स्टेशन में रुकी रही, लेकिन जिस्म के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

पुलिस मुंह फेर रही

इस मामले में पहले रबाले पुलिस स्टेशन के वरिष्ट पुलिस निरीक्षक प्रदीप तीदार को फोन कर जानकारी लेने की कोशिश की गई, लेकिन फोन लगने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस स्टेशन के लैंड लाइन पर संपर्क कर जानकारी मांगी गई। फोन रिसीव करने वाले अधिकारी ने पहले बताया कि इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद जब एनसी नंबर दिया गया, तब कुछ देर चेक करने के बाद बोले की डायरी एसीपी आॅफिस में मीटिंग के लिए ले गए कुछ समय बाद फोन करो। जानकारी दिया जाएगा। इस मामले में पुलिस उपायुक्त परिमंडल एक को भी फोन कर जानकारी लेने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नही लग सका।

नवी मुंबई में रहने वाले को बेचा

पीड़ित 22 वर्षीय लड़की ने बताया कि वह बांग्लादेश के जसर जिले की रहने वाली है। वंहा के आशाबुल गाजी से उसकी शादी कम उम्र में ही कर दी गई। कुछ महीने बाद ही उसने नवी मुंबई के घणसोली में रहने वाला दलाल हंसुर अली मंडल उर्फ अली को बेच दिया। आशाबुल ने उसे उपचार करने के बहाने अली के साथ मुंबई भेजा था। मुंबई आने के बाद अली ने उसे मुंबई के कमाठीपुरा में वेश्या व्यवसाय के दलदल में ढकेल दिया। उसने बताया कि उसे एक दो वर्ष का बेटा भी है, लेकिन आशाबुल ने उसके बेटे को कहीं बेच दिया है।

दूर-दूर तक फैला धंधा

पीड़ित लड़की ने बताया कि घणसोली में रहने वाला हंसुर अली और उसकी पत्नी कल्पना के जिस्मफरोशी के तार भारत के कई राज्यों सहित बांग्लादेश से लेकर नेपाल तक फैले हैं। पीड़ित लड़की ने बताया की हंसुरअली और उसकी पत्नी कल्पना अपना घर बदलते रहते हैं। हमेशा अलग-अलग लड़कियां घर पर आती है उसके बाद उन्हें काम के बहाने जिस्मफरोशी के कारोबार में ढकेल देते है। इस में से निकलने की कोशिश करने वालो को हमेशा डराते रहते हैं।

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