एफडीए ने भेजा 113 आॅनलाइन कंपनियों को स्टॉप वर्क नोटिस

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एफडीए ने भेजा 113 आॅनलाइन कंपनियों को स्टॉप वर्क नोटिस

350 जगहों पर की गई छापेमारी, फर्श पर बने किचन में तैयार हो रहे खाद्य पदार्थ

  • > गंदगी में बने खाने के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है बुरा असर
मुंबई। आॅनलाइन खाना आॅर्डर करने वाली कंपनियों के 350 जगहों पर महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने छापेमारी की। जिसमें से 113 जगहों पर फर्श पर बने किचन पर खाद्य पदार्थ तैयार करते पाया गया। इतना ही नहीं इन किचन में गंदगी के बीच खाद्य पदार्थ बनाए जाने के साथ ही सफाई नहीं होने के कारण नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जिसके बाद 113 कंपनियों को एफडीए ने स्टॉप वर्क नोटिस भेजा है।
> डिजिटल इंडिया का जमाना है, जिसमें आज खाने की चीजें भी आॅनलाइन हो चुकी है। एक बटन क्लिक करते ही आपका मनपसंद खाना आपके घर तक पहुंचा दिया जाता है, लेकिन आपने कभी सोचा कि जो आप खाना खा रहे हैं वो कितना शुद्ध है? आॅनलाइन खाना बेचने वाली कंपनियों पर भरोसा कर खाना आॅर्डर करते हंै। क्या आपको पता है कि, जोमैटो, स्विगी, फूडपंडा और उबर इट्स जैसे एग्रीगेटर्स की वेबसाइट से जो खाना आॅर्डर करते हंै वो कैसे बनाया जाता है? आपको भेजा गया भोजन एक स्वच्छ रसोई घर में तैयार किया गया है या फर्श पर बने किचन में, यह बात पता नहीं चलती है।
> कुछ ऐसी जानकारी महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) को मिली, जिसके बाद विभाग के अधिकारियों द्वारा आॅनलाइन फूड बेचने वाली कंपनी जैसे जोमैटो, स्विगी, उबर इट्स और फूडपांडा अन्य ऐसी कंपनियों में 349 जगह पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में पता चला कि इन कंपनियों के किचन में काफी गंदगी व घटिया खाद्य सामग्री का उपयोग किया जाता है। हालांकि मुंबई फूड एंड ड्रग्स विभाग ने ऐसी 113 कंपनियों को स्टॉप वर्क का नोटिस जारी किया है। 85 कंपनियां जिसमें (स्विगी -50), (जोमैटो-3) (फूडपांडा-2), उबर इट्स के अलावा अन्य कई कंपनियां शामिल हैं।

100 से अधिक भोजनालय के पास लाइसेंस नहीं

> महाराष्ट्र एफडीए के एक अधिकारी ने कहा कि पूरी तरह से निरीक्षण के बाद खुलासा हआ है कि इन शीर्ष ब्रांडों में से कम से कम एक के साथ काम करने वाले करीब 100 से भी अधिक भोजनालयों के पास लाइसेंस भी नहीं है। इसका मतलब यह कि जमीन पर भोजन तैयार कर लोगों तक पहुंचाया जाता है। एफडीए द्वारा रखे गए किसी भी स्वच्छता नियमों का पालन करने के लिए बाध्य नहीं है।
> अधिकारी ने कहा कि इन छोटे और मध्यम स्तर के रेस्तरां में परोसा जाने वाला भोजन की गुणवत्ता बिना जांचे ग्राहकों के दरवाजे तक पहुंचाया जाता है। इसलिए अगली बार आॅनलाइन भोजन आॅर्डर करने से पहले उसकी जांच कर लें।
फूड एप्लीकेशन आने की वजह से बड़े पैमाने पर फूड डिलीवरी की जाती है, हमारा इस पर ध्यान काफी दिनों से था, कि जहां आॅर्डर किया जाता है वह कितना शुद्ध है। एफडीए ने मुंबई के 350 जगहों पर छापेमारी की । छापेमारी में पता चला कि 100 से भी अधिक जगहों पर खाना बनाने का लाइसेंस तक नहीं था। वहां खाना बनाने में गंदगी व घटिया खाद्य सामग्री का उपयोग किया जाता है। उन्हें स्टॉप नोटिस देकर बंद किया गया है। इसमें जोमैटो, स्विगी, उबर इट्स और फूडपांडा जैसी अन्य कई कंपनियों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। कंपनियों को एफडीए के लाइसेंस के नियमों का पालन करना होगा। आने वाले दिनों में पूरे राज्य में भोजनालयों के निरीक्षण का संचालन किया जाएगा और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन में पाए गए किसी भी रेस्तरां को बंद कर दिया जाएगा।
-पल्लवी दराडे, आयुक्त,
महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन
आॅनलाइन फूड डिलीवरी करने वाली कंपनियांसस्ते दर और कम समय में ग्राहकों को उनके जरुरत अनुसार पदार्थ पहुंचाने के लिए जगह-जगह पर छोटे छोटे होटलों से टाइअप करती हैं। वहां सब खाद्य पदार्थ कैसे बनता है? इस पर कोई ध्यान नहीं देता है। इन पदार्तों को खाने के कारण नागरिकों के स्वास्थ्य को खतरा बना रहता है, इसके लिए एफडीए को विशेष ध्यान देने की जरुरत है।
-मोहम्मद हुसैन खान , प्रदेश सचिव, भाजपा अल्पसंख्यक महाराष्ट्र
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