Month: September 2018

राफेल घोटाले से पांच गुना बड़ा महाराष्ट्र का घोटाला

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राफेल घोटाले से पांच गुना बड़ा महाराष्ट्र का घोटाला

  • > अनिल पर केंद्र तो मुकेश पर राज्य सरकार मेहरबान

  • > करारनामा का उल्लंघन करने वाले रिलायंस से 650 करोड़ दंड वसूल करने की मांग

  • > भूखंड का आवंटन रद्द करने की मांग

मुंबई। महाराष्ट्र के रायगड जिले में बने नवी मुंबई विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) का भूखंड घोटाला राफेल घोटाले की अनुमानित रकम से 5 गुना बड़ा है, मगर इस घोटाले को लेकर महाराष्ट्र की सभी राजनीतिक पार्टियां और सारे बड़े किसान नेता चुप्पी साधे हुए हैं। नवी मुंबई में 5 लाख रोजगार और 25 हजार करोड़ के विदेशी पूंजी निवेश का हवाला देकर जिस एसईजेड को मंजूरी दी गई थी। इसके लिए वर्ष 2006 में 2140 हेक्टेयर के विशाल भूखंड को कौड़ियों के भाव में एक निजी कंपनी को दे दिया गया था। आज उस भूखंड के करारनामा की सारी शर्तों का उल्लंघन करने के बाद भी महाराष्ट्र सरकार उस कंपनी को दंडित करने की बजाय उसे पुरस्कृत करने का कार्य कर रही है। कारण सिर्फ यह है कि इस कंपनी के मालिक मुकेश अंबानी हैं।
> गौरतलब हो कि रायगड जिले के उलवे के पास नवी मुंबई एसईजेड के निर्माण के लिए सिडको के संचालक मंडल ने जो निर्णय लिया था, उसके मुताबिक इसकी जिम्मेदारी जिस कंपनी को दी जानी थी, उस कंपनी को 3 फेज में 2140 हेक्टेयर के इस भूखंड को पूरी तरह विकसित करना था। इसके लिए 10 वर्ष की समय-सीमा निर्धारित की गई थी। एसईजेड के करारनामे में भी इस बात का स्पष्ट उल्लेख है।
> करारनामे में स्पष्ट उल्लेख है कि कंपनी को पहले फेज का कार्य पूरा करने के बाद ही दूसरे फेज की जमीन प्रदान की जाएगी, मगर सिडको के अधिकारियों ने एसईजेड की कंपनी को बिना पहले फेज का कार्य शुरू किए तीनों फेज की जमीनों को एक साथ दे दिया। इसके बावजूद इस कंपनी ने यहां एक इंच का भी विकास कार्य नहीं किया।
सिडको ने सरकार के दबाव में बदला जमीन का आरक्षण
> 10 वर्ष के अंदर तीनों फेज का कार्य न करने की स्थिति में भूखंड के आवंटन को रद्द किए जाने का प्रावधान करारनामे में है और कंपनी द्वारा दी गई रकम को जब्त करने की बात भी इसमें निहित है। पहले फेज का काम समय पर न करने की स्थिति में कंपनी पर आर्थिक दंड लगाने का भी प्रावधान किया गया है।
> आज जब इस जमीन के आवंटन को 12 वर्ष बीत चुके हैं और यहां विकास कार्य शून्य है, तो जमीन का आवंटन कहीं रद्द न करना पड़े। इसके लिए सिडको और राज्य सरकार ने मिलकर एसईजेड कंपनी के मालिक मुकेश अंबानी के दबाव में जमीन का आरक्षण ही बदलने का निर्णय लिया है। अब इस जमीन को इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल एरिया (आईआईए) का नाम दे दिया गया है।
लेखा परीक्षक के निर्णय को किया नजरअंदाज
> इतना ही नहीं, इस कंपनी से 650 करोड़ रुपए वसूल किए जाने के लेखा परीक्षक के निर्णय को भी रद्द कर दिया गया है। एसईजेड के नाम पर नवी मुंबई में जो 1842 हेक्टेयर भूखंड का मालिकाना हक मुकेश अंबानी के पास है, उसकी वर्तमान कीमत 1.5 लाख करोड़ से भी ज्यादा है, जबकि इस जमीन को 2006 में कुछ विशेष शर्तों के आधार पर मात्र 800 करोड़ रुपए में निजी कंपनी को इस आश्वासन के आधार पर दे दिया गया था कि इससे नवी मुंबई में 5 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और यहां 25 हजार करोड़ का विदेशी निवेश आएगा। मतलब साफ है कि एसईजेड की आड़ में करीब 1.5 लाख करोड़ से भी ज्यादा के भूखंड घोटाले को फडणवीस सरकार ने हरी झंडी दिखा दी है और विरोधी पक्ष भी मौन रहकर इस घोटाले में अपनी हिस्सेदारी की तलाश करने में जुटा हुआ है।
पिछले पांच वर्षों से इसके खिलाफ संघर्ष कर रहा हूं, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार दोनों भी अंबानी बंधुओं के साथ खड़ी नजर आ रही हैं। हमारे जैसे लोग अपने संघर्ष में कितना कामयाब होंगे, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। लेकिन हम हार नहीं मानेंगे। इसके खिलाफ जल्द ही कोर्ट जाने की तैयारी में हूं।
– राजीव मिश्रा
आरटीआई कार्यकर्ता
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चिट फंड के नाम पर 25 वर्षों से करोड़ों ठगने वाला गिरफ्तार 

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चिट फंड के नाम पर 25 वर्षों से करोड़ों ठगने वाला गिरफ्तार
‘ट्विंकल’ सहित दर्जनों कंपनियों के नाम पर लगा चुका है चूना
  • सेबी से घोटालेबाजों की साठगांठ
  • लंबी कानूनी प्रक्रिया से पैसा वापस मिलने में देरी
मुंबई। देशभर में पिछले 25 वर्षों में ट्विंकल सहित संचयनी, संजीवनी, पॉसिबल सेविंग्स, कामधेनु मटाइल, शारदा सेविंग्स एंड इंवेस्टमेंट्स, कल्पतरू, कल्पवृक्ष और अभी के पैनकार्ड क्लब तथा रॉयल ट्विंकल, सिट्रस जैसे काई कंपनियों के माध्यम से लाखों निवेशकों के साथ करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले पी जी उतेकर को महाराष्ट्र के रायगड जिले में पोलादपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
देश भर में लाखों निवेशकों के साथ करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले ट्विंकल ग्रुप से जुड़ी प्रॉपर्टी जब्त करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया। इसके बावजूद महाराष्ट्र के रायगड जिले में रॉयल ट्विंकल स्टार क्लब और साइट्रस चेक इन लिमिटेड के निवेशकों के साथ ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में स्थानीय पुलिस ने रॉयल ट्विंकल के पी जी उतेकर को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले ट्विंकल के एक प्रमोटर ओमप्रकाश गोयनका को गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सेबी के नियमों को दरकिनार कर घोटाले को अंजाम दिए जाने का खुलासा हुआ है।
47 प्रॉपर्टी हो चुके हैं जब्त
महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई के पोंजी स्कीम वाले रॉयल ट्विंकल स्टार क्लब और साइट्रस चेक इन्स लि. कंपनी के महाराष्ट्र और कर्नाटक के 47 प्रॉपर्टी जब्त की है, लेकिन यह दोनों एक ही स्वामित्व वाली कंपनी के दो नाम हैं। इससे सवाल यह उठता है कि आखिर एक ही कंपनी के अलग-अलग नाम रखने की अनुमति सेबी ने क्यों दे दी। गौरतलब है कि रॉयल ट्विंकल स्टार क्लब से पहले ट्विंकल नाम था फिर बाद में साइट्रस चेक इन्स लि. कंपनी का नाम दे दिया गया। सेबी ने इस तरह नाम बदल कर लोगों को ठगने का मौका ट्विंकल के ओमप्रकाश और उसके बेटे गौरव गोयनका को क्यों दिया ?
उतेकर देता था बेरोजगार युवकों को रोजगार देने का झांसा
रायगड जिले के पोलादपुर में रहने वाला पी जी उतेकर अपने आस-पास रहने वाले नागरिक जो खेती से होने वाले उत्पन्न से बचत करने वाले छोटे-छोटे निवेशकों को ज्यादा पैसे कमाने का झांसा देकर निवेश करवाता था। इसके अलावा आस-पास के गांव के बेरोजगार युवकों को रोजगार देने का झांसा देकर अपने साथ जोड़ता था।
इन युवकों को पैसा जमा करने का रोगजार देता था। इन स्थानीय युवकों को देख कर लोग विश्वास करते और पैसा निवेश करते थे। इसी तरह उतेकर अभी तक सैकड़ों लोगों के साथ ठगी कर चुका है।
ठगी के पैसे से बनाए आलिशान बंगले ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों का करोड़ों रुपए लूटकर उतेकर ने आलिशान बंगला बनाया है। इसके साथ ही ठगी के पैसे से ही करंजे गांव के पास भी आलिशान बंगला और मुंबई-गोवा महामार्ग के किनारे करोड़ों रुपए का भूखंड खरीदा है।
ब्रेन मैपिंग टेस्ट क्यों नहीं?
अब तक जिन घोटालेबाजों की गिरफ्तारी हुई है, उनसे सारे राज पता करने को लेकर ब्रेन मैपिंग टेस्ट क्यों नहीं हुए? हाल ही में गिरफ्तार ओमप्रकाश गोयनका का ब्रेनमैपिंग टेस्ट किया जाता, तो इस घोटाले के कई अहम राज सामने आ जाते। लेकिन ऐसा जानबूझकर नहीं किया गया। गौरतलब है कि जब तेलगी का ब्रेन मैपिंग टेस्ट कराया जा सकता है, तो इनका क्यों नहीं?
लंबी कानूनी प्रक्रिया से न्याय मिलने में देर
न्याय पाने के लिए निवेशकों को लंबी कानूनी प्रकिया से गुजरना पड़ता है। वैल्यूएशन निकालना और नोटिस देने जैसी लंबी और पेचीदगी भरी कार्रवाई से पीड़ितों के लिए न्याय की राह कठिन हो जाती है।

लापता 300 मालिकों की अरबों की प्रॉपर्टी हड़पने का षड्यंत्र 

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लापता 300 मालिकों की अरबों की प्रॉपर्टी हड़पने का षड्यंत्र
  • मालामाल होने की तैयारी में सरकारी अधिकारी और बिल्डर
  • दिखावे के लिए प्रॉपर्टी मालिकों की तलाश जारी
  • अंग्रेजों ने लीज पर दिया था भूखंड
मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को समुद्री किनारों का शहर के रूप में पहचाना जाता है। इस शहर की समुद्री किनारे अंग्रेजों ने 1300 प्रॉपर्टी लीज पर दिए थे। इसमें से 600 प्रॉपर्टी की लीज समाप्त हो चुकी है। इसका लीज बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की तरफ से मूल मालिकों को नोटिस भेजी गई है। इसमें से 300 प्रॉपर्टी मालिकों का अभी तक कोई अता-पता नहीं होने का खुलासा हुआ है। अब जहां इन मूल मालिकों की तलाश शुरू की गई है, वहीं गायब 300 मालिकों की लीज वाली जगह को जिला अधिकारी के साथ मिलकर बिल्डर कब्जा करने की कोशिश में जुटे हैं। अधिकारियों और बिल्डरों द्वारा करोड़ों रुपए की जमीन को कब्जा करने का षड्यंत्र भी रचने की जानकारी भी प्राप्त हुई है। वहीं मूल मालिकों का कोई अता-पता नहीं लगने के कारण 300 प्रॉपर्टी में से 99 वर्ष पुरानी इमारतों का पुनर्विकास करने की छूट देने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है।
अंग्रेजों ने मुंबई की 1300 प्रॉपर्टी 99 से 999 वर्ष की लीज पर दी थी। लीज के इन भूखंडों पर उस समय मालिकों ने कई इमारतें बनाई। कुछ जगहों पर अस्पताल बनाए, तो मरीनलाइंस में समुद्र किनारे सामने के खाली लीज प्रॉपर्टी के भूखंड पर क्लब बनाए गए हैं। इसमें से 600 प्रॉपर्टियों की लीज समाप्त होने के कारण राज्य सरकार ने मुंबई शहर के जिला अधिकारियों के माध्यम से मूल मालिकों को नोटिस भेजकर लीज रेन्युअल करने को कहा है। 300 मालिकों ने लीज रेन्युअल करने की मंजूरी दी है। उसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, लेकिन 300 प्रॉपर्टी के मूल मालिकों का अभी तक कोई अता-पता नहीं है। इसके कुछ मूल मालिक विदेशों में स्थायी हो गए हैं तो कुछ मालिकों का निधन हो गया है।
पॉश इलाके में है प्रॉपर्टी
अंग्रेजों द्वारा लीज पर दी गई प्रॉपर्टी कुलाबा, नरीमन प्वॉइंट, ताड़देव, भायखला में हैं। उसमें से कुछ प्रॉपर्टी 20 हजार, 25 हजार, 15 हजार स्क्वॉयर मीटर के आकर में हैं। 99 वर्ष की लीज समाप्त होने के कारण नियमानुसार अब यह प्रॉपर्टी राज्य सरकार के कब्जे में आ गई है, लेकिन लीज का रेन्युअल करने का एक मौका मालिकों को सरकार ने दिया है।
दक्षिण मुंबई की अनेक पुरानी इमारतों में किराएदारों के मूल मालिकों का कोई अता-पता नहीं है। जिन इमारतों का लीज समाप्त हो गया है, इस तरह की प्रॉपर्टी की सूची जिला अधिकारियों ने अखबारों में प्रकाशित करवाया था। सरकार द्वारा लीज बढ़ाने की समय सीमा समाप्त हो गई है। इसके बावजूद आकहरी मुदा जिला अधिकारी कार्यालय के माध्यम से वापस एक बार मूल मालिकों को दिया जाएगा।
– शिवाजी जोंधले, जिलाधिकारी, मुंबई

लालू यादव जेल में : भू-माफिया भाजपा विधायक घूम रहा खुलेआम  

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लालू यादव जेल में : भू-माफिया भाजपा विधायक घूम रहा खुलेआम

  • योगी आदित्यनाथ के आशीर्वाद से गुंडागर्दी को मिल रहा बढ़ावा
  • भाजपा की ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ जैसी चाल
  • फर्जी केस दर्ज कराने लिया भाभी का सहारा
  • विधायक पर लगी गंभीर धाराए

करोड़ों की जमीन हड़पने के मामले में उत्तर प्रदेश, भदोही के भाजपा विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच करने का आदेश कोर्ट ने पुलिस को दिया। इसके बावजूद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की, उल्टा प्रार्थी के खिलाफ ही झूठा केस दर्ज कर दिया। कोर्ट ने जिस धारा के तहत आरोपी पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है उसी धारा के तहत बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव जेल में बंद हैं। योगी सरकार की कृपा से विधायक त्रिपाठी दबंगई के साथ खुलेआम घूम रहा है।

जमीन हड़पने को लेकर यूपी के ज्ञानपुर जिला कोर्ट में विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी के खिलाफ केस दाखिल किया गया है। इस मामले में भादवि धारा 419, 420, 468, 468, 471, 506 लगाई गई है। गौरतलब है कि दो तारीखों में जज ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल पूछे, लेकिन पुलिस की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
पुलिस ने कोर्ट के आदेश का किया उल्लंघन
कोर्ट द्वारा प्रार्थी जितेंद्र तिवारी की अपील पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश जारी किया, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जबकि आदेश में यह भी कहा गया है कि, प्रार्थी के साथ कुछ अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन एवं आरोपी की होगी। इसके बावजूद पुलिस ने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया और शांत बैठी है। इससे साफ जाहिर है कि पुलिस आरोपी के साथ साठगांठ करके पैसे खा रही है।
भाजपा का ऐप है नाकाम
भाजपा सरकार ने देश को डिजिटल बनाने के बहाने और तुरंत कार्रवाई करने को लेकर ‘भू-माफिया ऐप’ सेवा शुरू की, लेकिन ये नाकामयाब साबित हो रही हैं। इस जन सुनवाई ऐप पर शिकायत करने का कोई नतीजा नहीं निकलता। यूपी में भू-माफिया की गुंडागर्दी चरम सीमा पर है, ये माफिया लोग आम जनता की जमीन पर अपना कब्जा कर खुलेआम घूम रहे हैं और सरकार, पुलिस प्रशासन तमाशबीन बनी हुई है।
भाभी को आगे कर कराया झूठा केस दर्ज
विदित है कि प्रार्थी ने 5 जून को विधायक के खिलाफ केस दर्ज करवाया था। जबकि आरोपी का कहना है कि उसकी भाभी ने प्रार्थी को 5 लाख रुपये दिए। उसके बाद 22 जून को विधायक ने तिवारी के खिलाफ भाभी के साथ गाली-गलौज कर उत्पीड़ित करने का झूठा केस भी दर्ज कराया।
क्या है मामला?
भदोही के गांव चौगुना में भाजपा विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी की गुंडागर्दी चरम पर है। त्रिपाठी ने जितेंद्र तिवारी परिवार की साढे 36 बीघा (22 एकड़) जमीन हड़प ली। करोड़ों रुपए की यह जमीन (तिवारी परिवार) छह घरों की है। इस अत्याचार से जितेंद्र तिवारी का समस्त परिवार त्रस्त है। जब इस मामले को लेकर विधायक त्रिपाठी से संपर्क किया तो उन्होंने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया।

स्टंटबाजो के लिए अभिशाप रेलवे ओवरहेड वायर

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स्टंटबाजो के लिए अभिशाप रेलवे ओवरहेड वायर

  • पांच वर्षों में रेलवे ओवरहेड वायर का शॉक लगने से 143 यात्रियों की मौत,138 जख्मी

  • सर्वाधिक मौत हार्बर रेलवे मार्ग पर

मुंबई। मुंबई की लाइफ लाइन के रूप में मुंबई लोकल को पहचाना जाता है। इस लोकल से प्रति दिन 80 लाख के अधिक प्रवासी यात्रा करते हैं। इससे प्रतिदिन रेलवे से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या तेजी के साथ बढ़ने से ट्रेनों में गर्दी बढ़ रहा है। इसके कारण यात्रियों को जान जोखिम में डाल कर यात्रा करना पड़ता है। तो कुछ यात्री ट्रेन के दरवाजे पर खड़े होकर तो कुछ छत पर बैठकर यात्रा करते है इसमें से कई युवक अपना कसरत दिखाते नजर आते हैं। इसके कारण प्रति दिन 10 से 12 यात्रियों की ट्रेन से गिरकर या ओवरहेड वायर का शॉक लगने से मौत हो जाता है। इसमें पिछले पांच वर्षो में ओवरहेड वायर का शॉक लगने से 143 यात्रियों की मौत हो गई है तो 138 यात्री जख्मी होने की जानकारी आरटीआई अंतर्गत प्राप्त हुआ है।
स्टेशन मास्टर ले रहे स्थानीय हमाल या स्वयंसेवकों की मदद : लोकल से यात्रा करते समय से गिरकर या ट्रेन की चपेट में आने से मृत होने वाले यात्रियों को उठाने के लिए विशेष कर्मचारी नियुक्त नही किय गया है जिसके कारण स्टेशन मास्टर स्थानीय हमाल या स्वंय सेवको की मदद ले रहे हैं।
हार्बर में ट्रेन के फेरे कम : हार्बर लाईन पर ओवरहेड वायर शॉक लगने से सबसे अधिक प्रवाशियों की मौत हुई है। इसका मुख्य कारण की हार्बर रेलवे मार्ग पर ट्रेन के फेरो की कमी के साथ ही दूसरा कारण है गोवंडी और चेंबूर रेलवे में रहने वाले युवक छत पर चढ़कर यात्रा करते हैं। इसके साथ ही स्टंट करते हैं और अपनी जान गंवाते हैं। इसके लिए यहां के नागरिकों को इस पर विशेष ध्यान देते हुए बच्चों पर नजर रखने की जरूत है।

गत सात वर्षों में लोकल से गिरकर मृत और जख्मी लोगों की संख्या

वर्ष मृत जख्मी

2011 1158 97

2012 3543 3707

2013 3513 3563

2014 3429 3299

2015 3305 3351

2016 3208 3451

2017 3016 3484

2018 2038 2227

(अगस्त 2018 आखिरी तक)

(मृत जख्मी की संख्या मुंबई रेलवे पुलिस की वेबसाइट पर मौजदू )

आरटीआई द्वारा मांगी गई जानकारी से हुआ खुलासा
आरटीआई कार्यकर्ता शकील अहमद शेख ने मुंबई रेलवे पुलिस से पिछले पांच वर्षो में रेलवे ओवरहेड वायर से शॉक लगकर मृत लोगों की जानकारी मांगी थी। इसके बाद रेलवे के तरफ से दिए गए, जिसमें बताया गया है कि वर्ष 2013 से 2018 तक ओवरहेड वायर से शॉक लगने से 143 यात्रियों की मौत हो गयी है, जबकि 138 यात्री जख्मी हुए हैं। मध्य रेलवे अंतर्गत सीएसटी से कर्जत स्टेशन के बीच कुल 67 यात्रियों की मौत हो गयी है और 52 यात्री जख्मी हुए है। इसके साथ पश्चिम रेलवे मार्ग पर चर्चगेट से पालघर के बीच कुल 40 यात्रियों की मौत हुए हैं और 31 जख्मी हुए हैं।
हार्बर रेलवे मार्ग पर 394 यात्रियों की मौत तो 370 हुए जख्मी
इसके साथ ही हार्बर रेलवे मार्ग पर सैंडहर्स्ट रोड स्टेशन से पनवेल स्टेशन के बीच कुल 36 यात्रियों के मौत हो गयी है, जबकि 39 जख्मी हुए है। इसमें सर्वाधिक मौत चेंबूर रेलवे स्टेशन और तिलक नगर स्टेशन के बीच हुआ है। चेंबूर रेलवे स्टेशन पर कुल 11 यात्रियों की मौत हुई है जब की 6 जख्मी हुए है। इसके साथ ही तिलक नगर रेलवे स्टेशन पर 5 की मौत तो 14 जख्मी हुए हैं। इसके साथ ही वर्ष 2017 में लोकल से गिरकर या रेलवे की चपेट में आने से 3014 यात्रियों की मौत तो 3345 जख्मी हुए हैं। इसमें मध्य रेलवे में 1534 यात्रियों की मौत तो 1435 जख्मी, पश्चिम रेलवे में 1086 की मौत, तो 1540 यात्री जख्मी हुए हैं। इसके साथ ही हार्बर रेलवे मार्ग पर 394 यात्रियों की मौत तो 370 जख्मी हुए हैं।
हार्बर रेलवे मार्ग पर गोवंडी से कुर्ला के बीच जीआरपी और आरपीएफ को विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत है। इसके साथ ही रेलवे को हार्बर रेलवे मार्ग पर अतिरिक्त लोकल छोड़ना चाहिए, जिससे रेल यात्रियों को भीड़ से छुटकारा मिल सकेगा और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
– शकील शेख, सामाजिक कार्यकर्ता

पाक के लिए बंद हो भारत की सीमा

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पाक के लिए बंद हो भारत की सीमा

पाकिस्तानी सैनिकों का सर लाने की बात करने वाले आज तक बाल भी नहीं लाए!

  • उत्तर प्रदेश में सपा, बसपा के गठबंधन से बीजेपी होगी साफ

  • काँग्रेस को गठबंधन में शामिल होने का आह्वान

मुंबई। पाकिस्तानी सेना प्रमुख द्वारा भारत के खिलाफ तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा है कि जो भी ‘शैतान आंखें’ उनके देश की ओर देखेंगी, उसे करारा जवाब दिया जाएगा। इतना ही नहीं सीमा पर बहे खून का हम बदला लेंगे। यह बयान जारी करने के बाद भारत में भी तीव्र प्रतिक्रिया उठनी शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष व विधायक अबू आसिम आजमी ने ‘दबंग दुनिया’ से बातचीत में पाकिस्तान के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नापाक पाकिस्तान के लिए भारत का बॉर्डर बंद कर देना चाहिए। भारतीय जवानों के खून के बदले पाकिस्तानी जवानों का सर लाने की बात करने वाले आज तक सर तो दूर एक बाल भी नहीं ला सके।

समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष व विधायक अबू आजमी शनिवार को ‘दबंग दुनिया’ के कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पिछले कुछ दिनों से इमरान खान के शपथ समारोह में पाकिस्तान पहुंचे कांग्रेस नेता व पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर हुए विवाद पर बताया कि जिस उत्साह के साथ सिद्धू इस्लामाबाद में इमरान खान के शपथ समारोह में शामिल होने निकले थे, उस उत्साह में उनके द्वारा जाने-अनजाने में कुछ ऐसा हो गया है, जिस पर सवाल उठने लगे हैं।
पहला उनका पाकिस्तान के सेनाप्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से गले मिलना और दूसरा शपथ समारोह में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के राष्ट्रपति मसूद खान के बगल वाली सीट पर बैठना। इसके बाद भारत में बाकी दलों द्वारा इसका विरोध करना शुरू किया गया। देशभर के अलग-अलग राज्यों में सिद्धू को लेकर अलग-अलग तरह के आंदोलन किए जा रहे हैं। इसके पहले बिना किसी सूचना के पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ घर जन्मदिन की बधाई देने जाने वाले पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ किसी ने भी आवाज नहीं उठाई।
सर कलम कर लाना तो दूर
आज तक एक बाल भी नहीं लाए
आजमी ने बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच लाइन आॅफ कंट्रोल (एलओसी) पर पाकिस्तान द्वारा कायराना करतूत करते हुए माछिल सेक्टर में भारतीय जवान का सिर काटने का कायराना हरकत किया गया। इस घटना के बाद देश के लोगों में रोष देखने को मिला था।
उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके जवाब में पाकिस्तान से बदला लेने के लिए पाकिस्तान की सीमा में घुसकर सर कलम कर लाने का दावा किया था। इस घटना को आज कई महीने बीत गए, लेकिन सर कलम कर लाना तो दूर, आज तक एक बाल भी पाकिस्तान से नहीं ला पाए। उन्होंने मोदी सरकार पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मोदी सरकार देश के लोगों को सिर्फ गुमराह करने का कार्य कर रही है।
पाकिस्तान के लिए भारत के सभी रास्ते बंद हों
आजमी ने कहा कि भारत-पाकिस्तान सीमा से पाकिस्तान के नागरिकों को आने-जाने के सभी रास्ते पूरी तरह बंद कर देना चाहिए। इतना ही नहीं पाकिस्तान को दी जाने वाली मदद भी पूरी तरह बंद कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के नेताओं द्वारा पाकिस्तान से कोई संबंध नहीं रखना चाहिए। पाकिस्तान द्वारा अक्सर भारत के खिलाफ नापाक हरकत किए जा रहे हैं। इसके खिलाफ कठोर कदम उठाते हुए पाकिस्तान के लिए भारत की सभी सीमाएं सील कर देनी चाहिए।
मोदी की झूठ के कारण देश की आर्थिक हालात खराब
मोदी सरकार में देश की आर्थिक हालात दिन-प्रतिदिन खराब होते जा रहे हैं। रुपया प्रति-दिन गिरता जा रहा है। देश की आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद मोदी झूठ बोलने में आगे हैं। आज भाजपा की देश के कई राज्यों में सरकार है। इसके बावजूद विकास कार्य नहीं हो रहा है। वह आर्थिक नीति के जानकारों से राय लेने के बजाय खुद की नीति अपना रही है। इसके कारण देश विकास करने के बजाए दिन-प्रतिदिन पिछड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश में सपा, बसपा के गठबंधन से बीजेपी होगी साफ
अबू आजमी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा, बसपा की सरकार आनी तय है। इसके लिए समाजवादी पार्टी और बसपा का गठबंधन होना भी तय हो गया है। सपा के अखिलेश यादव व मायावती के बीच हुए बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है।
इस गठबंधन से उत्तर प्रदेश से भाजपा का सफाया होना तय है। इस गठबंधन में कांग्रेस को भी शामिल होने का आवाहन किया गया है, अन्यथा समय जाने के बाद कांग्रेस को पछतावा होगा।
इसके लिए मैं खुद राहुल गांधी से मिलकर इस गठबंधन में शामिल होने का निवेदन करूंगा। उन्हें बताऊंगा कि अगर सपा और बसपा मिलकर चुनाव लड़ेंगी, तो आपकी सीट पर भी खतरा रहेगा।

हवाला कारोबार👉 करोड़पति बने साहूकार

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हवाला कारोबार👉 करोड़पति बने साहूकार

हवाला के पैसे से बर्बाद होती रियल इस्टेट इंडस्ट्री

  • केंद्र और राज्य सरकार को प्रति वर्ष हो रहा अरबों रुपए का नुकसान

  • साहूकारों की चंगुल में फंसे उद्योगपति

मुंबई। एकतरफ जहां उधारी के पैसे बैंकों को वापस नहीं मिलने के कारण बैंकों की हालत खराब होती जा रही है, वहीं दूसरी तरफ इस आर्थिक तंगी के महासागर में साहूकारों के चंगुल में उद्योगपति फंस रहे हैं। हवाला के पैसों से फल-फूल रहे साहूकारों द्वारा बांटे जा रहे पैसे वापस नहीं आने के कारण रकम वसूल करना भी मुश्किल हो रहा है। साहूकारी कानूनी तौर पर वैध नहीं है। इस उधारी में फंसे करोड़ों रुपए की रकम वसूल करने के लिए साहूकार निजी हथकंडे अपनाने के साथ-साथ चेक बाउंस का सहारा लेकर लेनदारों को अदालत में घसीट रहे हैं। इसके कारण इस गैरकानूनी बैंकिंग व्यवस्था की चंगुल में फंसे कर्जदार आर्थिक तंगी और ऊंची ब्याज दर का रोना रो रहे हैं।

आरबीआई द्वारा बनाए गए नियमों व कायदों से चलने वाली बैंकिंग व्यवस्था के साथ आज देश में पुरानी साहूकारी (हुंडी) व्यवस्था चल रही है। इस हुंडी कारोबार से जुड़े लोगों की मानें तो सिर्फ मायानगरी मुंबई में ही साहूकारों के तकरीबन 25 हजार करोड़ रुपए फंसे हैं, जबकि पूरे देश में यह कारोबार एक लाख करोड़ से भी अधिक का है। देश में हुंडी के बदले कर्ज देने की प्रक्रिया काफी पुरानी है। हुंडी एक तरीके का महाजनी चेक अथवा एक प्रकार का हैंड नोट होता है। वह पत्र जो कोई महाजन किसी से कुछ ऋण लेने के समय उसके प्रमाणस्वरूप ऋण देने वाले को लिखकर देता है, जिस पर यह लिखा होता है कि यह धन इतने दिनों में ब्याज समेत चुका दिया जाएगा।
बैंकिग और कानूनी जानकारी का कहना है कि आरबीआई की अनुमति और लाइसेंस के बिना कोई भी कारोबार नहीं कर सकता है। महाराष्ट्र राज्य कानून के मुताबिक कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति के चेक के आधार पर उधार तो दे सकता है, लेकिन उस पर ब्याज नहीं ले सकता है। इसके बावजूद बिना बैंकिंग लाइसेंस के अवैध रूप से साहूकारी का कार्य किया जा रहा है। इस साहूकारी के अवैध कारोबार में सबसे अधिक रियल इस्टेट व्यवसाय से जुड़े लोग फंसे हैं।
साहूकारी के अवैध कारोबार में सर्वाधिक फंसे बिल्डर
पिछले कुछ वर्षों से आर्थिक मंदी के भंवर में बुरी तरह फंसे रियल इस्टेट कारोबार में सबसे अधिक लेन-देन होता है, क्योंकि बैंकों ने पिछले कुछ वर्षों से रियल इस्टेट सेक्टर से दूरी बना ली है, लेकिन अब साहूकारों की हुंडी भी डूब रही है। कर्ज वसूलने में नाकाम साहूकार कानूनी दांव-पेंच का भी सहारा ले रहे हैं।
कुछ साहूकार चेक को आधार बनाकर अदालत का दरवाजा खटखटाने की हिम्मत भी जुटाई है, जिनमें सबसे प्रमुख नाम अशोका कॉमर्शियल इंटरप्राइसेस का आता है।
अशोका की तरफ से आरिस्सटो डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड एवं अतिथि पटेल के ऊपर 400 करोड़, सैटेलाइट डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के ऊपर 150 करोड़, कमला लैंडमार्क कंस्ट्रक्शन पर 80 करोड़, पारेख अल्युमिनेक्स लिमिटेड पर 68 करोड़, प्रकाश शेट्टी पर 36 करोड़, सिद्धार्थ मेहता पर 18 करोड़, दिलीप मेहता व इला मेहता पर 28 करोड़, रिसिंग स्टार इंटरटेनमेंट पर 30 करोड़ अदा करने का मुंबई हाईकोर्ट में मुकदमा दर्ज किया है।
अशोका कॉमर्शियल इंटरप्राइसेस ने अदालत में 1006 करोड़ रुपए वापस नहीं करने की गुहार लगाई है। इसके अलावा अशोका कॉमर्शियल 1168 करोड़ रुपए का और भी कर्ज दे रखा है, जिनमें हबटाउन लिमिटेड को 500 करोड़, सतरा बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड को 150 करोड़, भूमि रियल्टर्स को 68 करोड़, योगेश कंस्ट्रक्शंस को 50 करोड़ के साथ 400 करोड़ अन्य कंपनियों को अशोका ने ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज दिया है।
हुंडी के आधार पर दी गई यह भी रकम फंसती नजर आ रही है। इस तरह कंपनी कुल 2147 करोड़ रुपए की बाजार हुंडी देकर रखी है। कर्ज लेने वालों की मानें तो यह कर्ज हुंडी के आधार पर लिया गया है। मार्केट की स्थिति खराब होने और ऊंची ब्याज दरों के कारण कर्ज चुका पाना मुश्किल हुआ है। ब्याज दर तय नहीं है। कर्ज लेते वक्त जिसकी जैसी जरूरत थी, वैसी ब्याज दर तय की गई। जो कर्ज दिया गया है वह 18 फीसदी से 36 फीसदी सालाना की ब्याज पर दिया गया है।
कर्जदारों की मानें तो यह एक पार्टनरशिप फार्म है, जिसके पास किसी तरह का बैंकिंग लाइसेंस नहीं है। लेकिन ऊंची पहुंच की धौंस ऐसे है कि जुबान खोलने की हिम्मत भी जुटा पाना मुश्किल है। इस संदर्भ में अशोका कॉमर्शियल इंटरप्राइसेस के पार्टनर रमेश रामचंदानी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कोई भी जवाब देने से इंकार कर दिया। वहीं फर्म ने मेल का जवाब भी नहीं दिया।
हबटाउन जैसी लिस्टेट कंपनियों ने भी कुछ भी बोलने से मना कर रही हैं। हब टाउन के प्रबंध निदेशक विमल शाह से जब हब टाउन और अशोका कॉमर्शियल इंटरप्राइसेस के कारोबारी रिश्ते के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से सीधे इंकार कर दिया। मंत्री रियल्टी के प्रबंध निदेशक सुनील मंत्री ने बताया कि मामला कोर्ट में है, जो भी जवाब देना है, कोर्ट में देंगे।
हवाला के जरिए विदेशों से आने वाले पैसों का कारोबार

मुंबई के एक प्रसिद्ध वित्तीय सलाहकार फर्म के जानकर की मानें तो यह पूरा कालाधन का मामला है। हवाला के जरिए विदेशों से पैसा आता है और ऊंची ब्याज दर पर विशेषकर बिल्डरों को कर्ज दिया जाता है, क्योंकि पिछले कुछ सालों से बैंक बिल्डरों को कर्ज देने से बच रहे हैं। इसलिए बिल्डर मजबूर होकर इन साहूकारों से कर्ज ले रहे हैं।

इस समय यह कारोबार करीब एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का है। लेन-देन करने वालों को पता है कि यह गैरकानूनी है इसलिए वह कहीं आवाज नहीं उठा सकते हैं। वहीं एक बिल्डर की मानें तो रियल इस्टेट में आधा से ज्यादा पैसा हवाला से आने वाली रकम है, जो अंडरवर्ल्ड और तस्करों की है। यह कारोबार बड़े सरकारी अधिकारियों और नेताओं के समर्थन से चल रहा है। जान और पैसा सबको प्यारा है इसलिए सब चुप हैं।