Month: July 2016

​महाराष्ट्र के सिर्फ 12 मंत्रियों ने अपनी प्रॉपर्टी का ब्यौरा पेश किया

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​महाराष्ट्र के सिर्फ 12 मंत्रियों ने अपनी प्रॉपर्टी का ब्यौरा पेश किया

पारदर्शक और स्वच्छ कामकाज का दावा कर सत्ता पर आयी भाजपा प्रणित मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सरकार के सिर्फ मंत्रियों ने अपनी प्रॉपर्टी का ब्यौरा पेश करने का खुलासा आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को सरकार द्वारा उपलब्ध की गई जानकारी से हुआ है। केंद्र और बिहार की तर्जपर राज्य के सभी मंत्रियों की प्रॉपर्टी की जानकारी ऑनलाइन करने की गलगली की मांग वाले आवेदन पर पिछले 20 महीनों से मुख्यमंत्री द्वारा कोई भी निर्णय नहीँ लेने की बात स्पष्ट हुई है। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने महाराष्ट्र सरकार से राज्य मंत्रीमंडल के मंत्री और राज्यमंत्रियों ने पेश की हुई उन मंत्रियों की प्रॉपर्टी और उनसे जुड़े हुए लोगों के लाइबिलिटीस के विवरण की जानकारी मांगी थी। सामान्य प्रशासन विभाग के जन सूचना अधिकारी और अवर सचिव कि.शां.परब ने अनिल गलगली को बताया कि केंद्र सरकार ने तैयार की हुई आचारसंहिता के अनुसार मंत्रियों को उनकी प्रॉपर्टी और उनसे जुड़े हुए लोगों के लाइबिलिटीस का विवरणपत्र पेश करना आवश्यक हैं लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दिए हुए निर्णयानुसार यह कानूनन अनिवार्य नहीं हैं।।आचारसंहिता में मंत्रियों को मुख्यमंत्री महोदय के पास ऐसे विवरणपत्र पेश करने का जिक्र हैं।उल अब मुख्यमंत्री सहित 23 मंत्री आणि 16 राज्यमंत्री ऐसा मंत्रीमंडल हैं। सिर्फ 12 मंत्रियों ने दिया सकारात्मक प्रतिसाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित 12 मंत्रियों ने सकारात्मक प्रतिसाद देते हुए अपनी प्रॉपर्टी और उनसे जुड़े हुए लोगों के लाइबिलिटीस का विवरणपत्र पेश किया हैं। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव तो 11 मंत्रियों ने मुख्यमंत्री के पास विवरणपत्र पेश किया हैं। इनमें राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटील, वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार, स्कूली शिक्षा मंत्री विनोद तावडे, गृहनिर्माण मंत्री प्रकाश मेहता, उद्योग मंत्री सुभाष देसाई, सार्वजनिक आरोग्य मंत्री राम शिंदे, अन्न व नागरी आपूर्ति मंत्री गिरीश बापट, जलसंपदा मंत्री गिरीष महाजन,परिवहन मंत्री दिवाकर रावते, जलापूर्ति व स्वच्छता मंत्री और पर्यावरण राज्यमंत्री प्रवीण पोटे का शुमार हैं। पिछली सरकार ने अनिल गलगली के फॉलो आप के बाद जिन मंत्रियों ने विवरण पेश किया था उनका सिर्फ नाम ही ऑनलाइन किया था। उस वक्त के ‘मिस्टर क्लीन’ मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने मंत्रियों की प्रॉपर्टी की जानकारी को सार्वजनिक करने की गलगली की मांग को खारिज किया था। भाजपा सरकार पारदर्शक होने का दावा तो कर रही हैं लेकिन कांग्रेस की तर्ज पर अपने मंत्रियों की प्रॉपर्टी की जानकारी को सार्वजनिक करने से भाग रही हैं, इसपर अनिल गलगली ने दुःख जताया। अथक सेवा संघ के अध्यक्ष और आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली द्वारा 14 नवंबर 2014, दिनांक 9 मार्च 2015 और अब 28 जुलाई 2016 को ऐसे 3 पत्र भेजकर केंद्र और बिहार की तर्ज पर राज्य के सभी मंत्रियों की प्रॉपर्टी की जानकारी को ऑनलाइन करने की मांग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास की गई है।

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एक ट्रेन ऐसी भी , जहाँ बिना टिकट अगर आप ट्रेन पर चढ़े तो शर्म के मारे टिकट खरीदने पर मजबूर हो जायेंगे । 

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जी हाँ एन एफ रेलवे के कटिहार डिवीजन अंतर्गत कटिहार -मनिहारी ट्रेन में कुछ ऐसा ही है । जहाँ ना पुलिस ना टीटी बल्कि आम नागरिक आपका टिकट चेक करते है , अगर आप बिना टिकट ट्रेन में सवार है तो ये हाथ जोड़ कर आपसे टिकट खरीदने की गुहार लगाते है , और बेटिकट यात्री शर्म के मारे टिकट खरीदने पर मजबूर हो जाता है और ऐसा वर्षो से चला आ रहा है , कटिहार जिले के मनिहारी निवाशी अंगद ठाकुर पिछले कई वर्षो से इस रुट पर चलने वाली हर ट्रेन में यात्रियों की टिकट चेक करते और टिकट खरीदने के अनुरोध करते नजर आ जाते है । 

अगद के इस लगातार प्रयास से रेलवे को खासा फ़ायदा पंहुचा है ।

एन एफ रेलवे , कटिहार डिवीजन के सीनियर डीसीएम पवन कुमार बताते है कि जब ये ट्रेन चलाई गई थी तब और आज में टिकट की बिक्री में बढ़ोत्तरी हुई है और इसकी वजह वो अंगद के प्रयास व अंगद द्वारा चलाये जा रहे जागरूकता अभियान को मानते है । 
अगर इस ट्रेन में मौजूद कोई ऐसा यात्री बेटिकट इन्हें मिल जाता है जिसके पास वाकई पैसा नहीं है और सफ़र करनी मज़बूरी है तो इसके लिए भी अंगद के पास सहायता राशि उपलब्ध है , जो अंगद ने लोगो से चंदा कर एक फंड बनाया है , इस फंड से सहायता लेने की शर्त ये है कि जब भी उक्त यात्री के पास पैसा हो तो वो अंगद के सहायता कोस में उसे लौटा दे । लेकिन बेटिकट इस ट्रेन में चलना बिलकुल नामुमकिन सा है , 
आखिर अंगद ऐसा क्यों करते है ?
रेलवे इस इस रूट पर पहले मीटर गेज (छोटी लाइन) की ट्रेन चला करती थी , जिसे ब्रोटगेज (बड़ी लाइन) में परिवर्तित कर ट्रेनों का परिचालन करने की जो तय समय रेलवे ने जनता को दिया था उस समय के दो साल बाद इस रूट पर परिचालन शुरू हो पाया , इस दौरान अंगद ने ट्रेनों के परिचालन को लेकर कई आंदोलन किये , इस आंदोलन के दौरान एक रेलवे के अधिकारी ने अंगद से कहा की इस रूट में लोग टिकट लेकर यात्रा नहीं करते है , लिहाजा अभी ट्रेन का परिचालन ट्राइल मुड़ में होगा ठीक-ठाक रेवेन्यू अगर सरकार को आती है तो ट्रेनों की संख्या बढ़ेंगी नहीं तो ये भी बंद कर दी जायेगी , तब से अंगद इस प्रयास की एक मशाल जलाई है जो आज तक रौशन है , अंगद के इस प्रयास से जहाँ एक तरफ रेलवे के रेवेन्यू में बढ़ोत्तरी हुई वही दूसरी तरफ रेलवे ने कटिहार -मनिहारी रूट पर चलने वाली ट्रेनों की संख्या भी बढ़ा दी ।

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26/11 मुंबई हमले की जांच में अहम् योगदान देने वाले “टायगर” की शनिवार को देहांत हो गया । बिमारी से ग्रस्त टायगर का मई 2015 से ही विरार स्थित फिझा फ़ार्म में उपचार सुरु था । लेकिन आज उसके तबियत अधिक ख़राब होने के बाद मौत हो गयी । उसे अधिकारियों ने पुरे सम्मान के साथ दफना दिया । 

प्रेमी युवक का अपहरण कर हत्या 

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 लड़की के घर वालो सहित सात गिरफ्तार 

नेरुल पुलिस की लापरवाही से हुआ हत्या 
नवी मुंबई : मंगलवार रात को  प्रेमी युवक को लड़की के घर वालो द्वारा घर से अपहरण कर उसकी हत्या किये जाने का मामला सामने आया है | इस मामले में नेरुल पुलिस ने लड़की के भाई सहित  सात लोगो को गिरफ्तार कर लिया है |                    नेरुल पुलिस स्टेशन से मिली जानकारी अनुसार हत्या किये गए युवक का नाम  स्वप्नील सोनावणे(15 ) है | इस के हत्या करने के आरोप में नेरुल पुलिस ने लड़की के भाई सागर नाईक ,राजेंद्र नाईक ,दुर्गेश पाटिल ,आशिष ठाकुर ,राजन नाईक ,मालती नाईक और रिक्शा चालक शेख का समावेश है |     नेरुल सेक्टर 13 स्थित एमबीआय कॉलनी में रहने वाले शहाजी सोनावणे का बेटा स्वप्नील इसी वर्ष नेरुल के नूतन विद्यालय से दसवी पास हुआ था | उसी के क्लास में पढ़ने वाली लड़की के साथ उसका दोस्ती हो गया था | यह दोस्ती लड़की के घर वालो को पसंद नही था | जिसके कारण लड़की के घर वालो ने लड़की से दूर रहने के लिए कई बार लडके को धमकाया था | इस बीच पिछले तीन दिनों से लगातार लड़की के घर वाले लडके के घर जाकर धमकी देना सुरु कर दिए थे | जिस से परेशान होकर स्वप्नील के पिता ने नेरुल पुलिस स्टेशन जाकर इस की शिकायत किया लेकिन उस दौरान मौजूद पुलिस अधिकारी ने मामले को नजर अंदाज कर शहाजी की शिकायत लिए बिना वापस भेज दिए | जिसके बाद लड़की के भाई को इस की जानकारी होने के बाद अपने दोस्तों के साथ स्वप्नील के घर आकर दरवाजे पर लात मारना सुरु कर दिया | इसके बाद इन लड़को ने शहाजी को बिल्डिंग के टेरेस पर लेजाकर मारपीट किया | उसके बाद जबरन शहाजी ,स्वप्नील और उसकी बहन को जबरन घर से अपहरण कर रिक्शे में बिठाकर दरावे गाव के तालाब के पास लेजाकर मारपीट किये | जिसमे स्वप्नील गंभीर रूप से जख्मी  हालत में बेहोश होकर गिर गया | जिसके बाद उसे नेरुल के डी वाय पाटिल अस्पताल में भर्ती किये | वंहा डॉक्टरो ने उसे मृत घोषित कर दिया | जिसके बाद नेरुल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेकर हत्या का मामला दर्ज कर उक्त सात लोगो को गिरफ्तार कर लिया | 



       पुलिस ने बरती लापरवाही   

       मंगलवार रात को घटना से पहले ही स्वपनिल के पिता शहाजी पुलिस स्टेशन पहुचकर शिकायत किए लेकिन मौजूद पुलिस अधिकारी ने उनकी एक ना सुनी और वापस भेज दिया | जिसके बाद शहाजी घर पहुचने पर उनके साथ मारपीट कर हत्या किया गया | इसके कारण नेरुल पुलिस द्वारा बरती गयी लापरवाही को लेकर संदेह जताया जा रहा है | इस मामले में दोषी अधिकारियो के खिलाफ  जांच कर कार्यवाई करने की मांग किया गया है | 

​सरकार की अनुमति लिए बिना ही एकनाथ खडसे का रामटेक बंगले में अवैध कब्जा

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नैतिकता का दावा कर मंत्री पद से इस्तीफा देनेवाले भाजपा नेता और पूर्व राजस्व मंत्री एकनाथ खडसे आज भी मलबार हिल स्थित रामटेक बंगले में आराम फरमा रहे हैं। महाराष्ट्र सरकार की अनुमति लिए बिना ही एकनाथ खडसे बंगले में रहने की जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को महाराष्ट्र सरकार ने दी हैं। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने महाराष्ट्र सरकार से एकनाथ खडसे को दिए हुए 2 बंगलों की जानकारी मांगी थी। महाराष्ट्र सरकार के अवर सचिव और जन सूचना अधिकारी शि.म.धुले ने अनिल गलगली को बताया कि एकनाथ खडसे, पूर्व मंत्री के कब्जे में एकही रामटेक बंगला हैं जो उन्होंने आज तक खाली नहीं किया हैं। खडसे को सरकारी निवासस्थान में रहने की अनुमति नहीं दी गई हैं। रामटेक बंगला दिनांक 19 नवंबर 2014 को खडसे दिया गया था जिसका कुल एरिया 8857 वर्ग फुट हैं। शि.म.धुले ने अनिल गलगली को दिनांक 1 मार्च 2014 का सरकारी निर्णय की कॉपी दी जिसमें मंत्री पद से पदमुक्त होने के दिनांक से15 दिनों के भीतर सरकारी निवासस्थान सरकार को सौंपना आवश्यक हैं और अगर सरकार की अनुमति से आगे 3 महीने निवास किया गया तो रु 25/- प्रति वर्ग फूट महीना किराया एवमं अंतर्गत सुविधाओं का पूर्ण चार्ज वसूल किया जाता हैं। लेकिन खडसे को किसी भी तरह की अनुमति सरकार ने नहीं देने से वे अवैध तरीके से निवास कर रहे हैं। दिनांक 4 जून 2016 को इस्तीफा देने के बाद 19 जून 2016 को बंगला खाली करना आवश्यक था। महाराष्ट्र सरकार ने एकनाथ खडसे पर की हुई केलेली मेहरबानी गलत हैं और अनुमति नहीं होने से अवैध तरीके से निवास करनेवाले खडसे पर कारवाई करते हुए बंगला खाली करे, ऐसी मांग अनिल गलगली ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे हुए पत्र में की हैं।राज्य सरकार के कर्मचारियों का निवासस्थान ताबडतोब खाली करनेवाले अधिकारी एकनाथ खडसे जैसे पूर्व मंत्रियों के मामले में नरमी बरतने पर अनिल गलगली ने आश्चर्य व्यक्त किया हैं

 1 करोड़ की नकली घड़ियों के साथ 2 गिरफ्तार

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अलसभा मार्केट में एमआरए मार्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई

मुंबई:मुम्बई के मुसाफिर खाना स्थित अलसभा मार्केट में एमआरए  मार्ग पुलिस की टीम ने एक  बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 बड़ी दुकानों पर छापा मार कर 1 करोड़ से अधिक के  Calvin Klein कंपनी की नकली घड़ियां जब्त किया है। 

सूत्रो से पता चला है की पुलिस कार्रवाई के दौरान व्यापारियों ने पूरी  मार्केट की लाईट बंद कर पुलिस टीम के साथ धक्का मुक्की  और  गालिगलोज कर कार्रवाई रोकने की कोशिश किया। ताकी पुलिस की टीम दूसरी और दुकानों पर कार्रवाई नहीं करें, एमआर ए मार्ग पुलिस को शिकायत मिली थी की अलसभा मार्केट में बड़े पैमाने पर ब्रांडेड घडियों  से मिलती जुलती हुयी नकली चाइनीज घड़ियां बेचीं जा रही हैं।इसी आधार पर पुलिस टीम शिकायत करता याकूब शेख के साथ अलसभा मार्केट के शॉप न. 4 में छापा मारकर दुकान मालिक भरत वीरचंद जैन के पास से 65 लाख 48 हजार 500 की नकली घड़ियां जब्त की, जबकि शॉप न.118/119 में छापा मार कर मोराराम पुरोहित नामक दुकानदार के पास से 46 लाख, 30हजार रुपये की नकली घड़ियां जब्त किया है।यह सभी घड़ियां नामचीन विदेशी कंपनी  Calvin Klein से हूँ बहु मिलती जुलती चाइनीज घड़ियां है।

मुंबई -पुणे एक्सप्रेस पर हुई मछलियों की बारिश

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मुंबई :अभी तक आपने ओले की बारिश के बारे में सुना और देखा होगा, लेकिन मुंबई-पुणे हाईवे पर दोपहर मछलियों की बारिश हुई है। इस बारिश का वीडियो और तस्वीरें फेसबुक पर वायरल हो गया है।

सोशल मीडिया में डाली गई तस्वीरों में सैकड़ों लोग मुंबई-पुणे हाईवे पर पड़ी हुई मछलियां उठाते नजर आ रहे हैं।लोगों के मुताबिक कई किलोमीटर तक इसी तरह से मछलियां सड़क पर पड़ी हुई थीं। इन्हें उठाने की होड़ में सड़क पर लंबा जाम लग गया। हाईवे पर ट्रैवलिंग करने वाले गाड़ियां रोक-रोक कर मछलियों को उठा रहे थे।

कुछ लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन से तैयार किया और फेसबुक और ट्विटर पर डाल दिया। अभी तक आधिकारिक तौर पर इस बरसात की पुष्टि स्थानीय प्रशासन की ओर से नहीं की गई है।

बता दें कि ऐसा एक बार नहीं कई बार और दुनिया के कई इलाकों में हो चुका है। जून 2015 में मछलियों की ऐसी ही बारिश आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा के गोलमुंडी गांव में भी हुई थी।